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MP MISSION 2023: कांग्रेस-बीजेपी को चुनौती देंगी जयस, विधानसभा की 47 से अधिक पहलावासी सीटों पर ठोकेगी ताल

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एमपी में पहलावासी वोटरों को साधने में जुटी बीजेपी-कांग्रेस को चुनौती देने जय पहलावासी युवा शक्ति (जयस) ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जयस अग्निामी 2023 के विधानसभा चुनाव में 47 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों भिन्न समाज के प्रभाव वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
 
मध्य प्रदेश में अभी जय पहलावासी युवा शक्ति संगठन से एकमात्र विधायक डॉक्टर हीरालाल अलावा (मनावर) हैं। अलावा जयस संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक भी हैं। रविवार को भोपाल के मानस भवन में जयस संगठन का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों से जयस संगठन के निर्वाचित सरपंच, जिला जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं भिन्न जयस कार्यकर्ता शामिल हुए।
 
डॉ. हीरालाल अलावा ने बताया कि गांव की सरकार से संसद तक राजनीति में पहलावासी युवाओं की हिस्सेदारी एवं जयस मिशन युवा नेतृत्व के लिए संगठन का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें अग्निामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर रणनीति तैयार की गई। अलावा ने बताया कि संगठन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भिन्न प्रभाव रखने वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसके लिए अभी से विधानसभा स्तर पर उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार करना, चुनाव की रणनीति तैयार करना, बूथ स्तर की कमेटियां गठित करना, सभी पंचायतों में जयस युवाओं द्वारा सामाजिक, राजनीतिक एवं संवैधानिक जनजागरूकता फैलाना, पंचायत स्तर की चुनावी टीम गठित करना तय किया गया।
 
इसलिए बड़ी कांग्रेस-बीजेपी की दर्द
प्रदेश में पहलावासियों की बड़ी आबादी होने से 230 विधानसभा में से 84 सीटों पर उनका सीधा प्रभाव है। 2013 में इनमें से बीजेपी को 59 सीटों पर जीत मिली थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 84 में से 34 सीट पर जीत मिली थी। उसकी 25 सीटें कम हो गईं। इस वजह से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। प्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव में पहलावासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में से भाजपा ने 31 सीटें जीती थी। वहीं, कांग्रेस के खाते में 15 सीट आईं। 2018 के चुनाव में आरक्षित 47 सीटों में से भाजपा सिर्फ 16 पर ही जीत दर्ज कर सकी। कांग्रेस ने 30 सीटें जीत ली थीं। एक पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में इन सीटों पर जयस की संख्या बढ़ती है तो बीजेपी भिन्न कांग्रेस के लिए सरकार बनाने की चुनौती होगी। बता दें बीजेपी भिन्न कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल पहलावासी वोटरों को साधने में जुटे हुए है। 

संगठन ने यह भी लिए निर्णय-

  • 9 अगस्त विश्व पहलावासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करवाने के लिए जल्द ही सभी जिलों में पहलावसी समाज राष्ट्रपति, राज्यपाल भिन्न मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के नाम ज्ञापन देगा।
  • संविधान की पांचवीं अनुसूची की अधिसूचना जारी कर 89 ट्राइबल ब्लॉकों में पांचवीं अनुसूची का अनुपालन कराने के लिए राजनीतिक दबाव तैयार करना
  • ाधिकार अधिनियम 2006 के तहत सभी पहलावासियों/वननिवासियों को ाधिकार भूमि के पट्टे दिलाना
  • पेसा अधिनियम एवं संविधान में पहलावासी समुदाय के हित के लिए दिए गए भिन्न प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए प्रत्येक विकासखंड से राजधानी स्तर पैदल मार्च कर जनजागरूक अभियान चलाया जाएगा।
  • प्रदेश के सभी जिलों में संगठन 25 लाख नए सदस्य बनाने पर काम करेगा।
  • बेराजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने भिन्न बैकलॉग पदों को शीर्घ भरने अभियान चलाया जाएगा।

विस्तार

एमपी में पहलावासी वोटरों को साधने में जुटी बीजेपी-कांग्रेस को चुनौती देने जय पहलावासी युवा शक्ति (जयस) ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जयस अग्निामी 2023 के विधानसभा चुनाव में 47 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों भिन्न समाज के प्रभाव वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

 

मध्य प्रदेश में अभी जय पहलावासी युवा शक्ति संगठन से एकमात्र विधायक डॉक्टर हीरालाल अलावा (मनावर) हैं। अलावा जयस संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक भी हैं। रविवार को भोपाल के मानस भवन में जयस संगठन का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों से जयस संगठन के निर्वाचित सरपंच, जिला जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं भिन्न जयस कार्यकर्ता शामिल हुए।

 

डॉ. हीरालाल अलावा ने बताया कि गांव की सरकार से संसद तक राजनीति में पहलावासी युवाओं की हिस्सेदारी एवं जयस मिशन युवा नेतृत्व के लिए संगठन का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें अग्निामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर रणनीति तैयार की गई। अलावा ने बताया कि संगठन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भिन्न प्रभाव रखने वाली सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसके लिए अभी से विधानसभा स्तर पर उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार करना, चुनाव की रणनीति तैयार करना, बूथ स्तर की कमेटियां गठित करना, सभी पंचायतों में जयस युवाओं द्वारा सामाजिक, राजनीतिक एवं संवैधानिक जनजागरूकता फैलाना, पंचायत स्तर की चुनावी टीम गठित करना तय किया गया।

 

इसलिए बड़ी कांग्रेस-बीजेपी की दर्द

प्रदेश में पहलावासियों की बड़ी आबादी होने से 230 विधानसभा में से 84 सीटों पर उनका सीधा प्रभाव है। 2013 में इनमें से बीजेपी को 59 सीटों पर जीत मिली थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 84 में से 34 सीट पर जीत मिली थी। उसकी 25 सीटें कम हो गईं। इस वजह से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। प्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव में पहलावासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में से भाजपा ने 31 सीटें जीती थी। वहीं, कांग्रेस के खाते में 15 सीट आईं। 2018 के चुनाव में आरक्षित 47 सीटों में से भाजपा सिर्फ 16 पर ही जीत दर्ज कर सकी। कांग्रेस ने 30 सीटें जीत ली थीं। एक पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में इन सीटों पर जयस की संख्या बढ़ती है तो बीजेपी भिन्न कांग्रेस के लिए सरकार बनाने की चुनौती होगी। बता दें बीजेपी भिन्न कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल पहलावासी वोटरों को साधने में जुटे हुए है। 

संगठन ने यह भी लिए निर्णय-

  • 9 अगस्त विश्व पहलावासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करवाने के लिए जल्द ही सभी जिलों में पहलावसी समाज राष्ट्रपति, राज्यपाल भिन्न मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के नाम ज्ञापन देगा।
  • संविधान की पांचवीं अनुसूची की अधिसूचना जारी कर 89 ट्राइबल ब्लॉकों में पांचवीं अनुसूची का अनुपालन कराने के लिए राजनीतिक दबाव तैयार करना
  • ाधिकार अधिनियम 2006 के तहत सभी पहलावासियों/वननिवासियों को ाधिकार भूमि के पट्टे दिलाना
  • पेसा अधिनियम एवं संविधान में पहलावासी समुदाय के हित के लिए दिए गए भिन्न प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए प्रत्येक विकासखंड से राजधानी स्तर पैदल मार्च कर जनजागरूक अभियान चलाया जाएगा।
  • प्रदेश के सभी जिलों में संगठन 25 लाख नए सदस्य बनाने पर काम करेगा।
  • बेराजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने भिन्न बैकलॉग पदों को शीर्घ भरने अभियान चलाया जाएगा।

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