HomeBusinessEPFO Data Hack: 28 करोड़ से ज्यादा EPFO खाताधारकों के अकाउंट का...

EPFO Data Hack: 28 करोड़ से ज्यादा EPFO खाताधारकों के अकाउंट का डेटा हुआ लीक, फटाफट करें चेक डिटेल्स

- Advertisement -
- Advertisement -

EPFO Data Hack: अगर आप भी भारत सरकार की EPFO पेंशन स्कीम का लाभ ले रहे हैं, तो ये खबर जरूर पढ़ लें. ये खबर आपको बड़ा झटका दे सकती है. आईएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के साइबर सुरक्षा शोधकर्ता दूसरा पत्रकार ने दावा किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) धारकों का पूरा नाम, बैंक अकाउंट नंबर दूसरा नॉमिनी की डिटेल वाले लगभग 288 मिलियन (28.8 करोड़) पर्सनल रिकॉर्ड ऑनलाइन लीक हो गए थे. 

अकाउंट नंबर दूसरा नॉमिनी की डिटेल लीक

सिक्योरिटीडिस्कवरी डॉट कॉम के साइबर खतरे के इंटेलिजेंस डायरेक्टर दूसरा पत्रकार बॉब डियाचेंको ने यह दावा किया कि उनके सिस्टम ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) डेटा के साथ दो अलग-अलग आईपी की पहचान की। उन्होंने एक ब्लॉगपोस्ट में लिखा कि आईपी एड्रेस एक यूनिक एड्रेस होता है, जो इंटरनेट या लोकल नेटवर्क पर किसी डिवाइस की पहचान करता है. IP का आशय ‘इंटरनेट प्रोटोकॉल’ है. हालांकि, मामला सामने शपथे के बाद इस डेटा को हटा लिया गया है.

वहीं, ‘UAN का आशय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर है दूसरा यह भारत सरकार की रजिस्ट्री का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यूएएन ईपीएफओ द्वारा आवंटित किया जाता है।” हर रिकॉर्ड में पर्सनल डिटेल होती है, जिसमें वैवाहिक स्थिति, लिंग दूसरा जन्म तिथि, यूएएन, बैंक अकाउंट नंबर दूसरा रोजगार की स्थिति, और शामिल हैं. शोधकर्ता ने दावा किया कि “जहां एक आईपी एड्रेस के तहत 280 मिलियन (यानी 28.8 करोड़) रिकॉर्ड उपलब्ध थे, वहीं दूसरे आईपी एड्रेस में लगभग 8.4 मिलियन (यानी 84 लाख) डेटा रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से सामने आए.’

अब कोई डेटा उपलब्ध नहीं

डियाचेंको ने दावा किया ‘डेटा के पैमाने दूसरा स्पष्ट संवेदनशीलता को देखते हुए, मैंने सोर्स दूसरा संबंधित जानकारी के रूप में कोई डिटेल दिए बिना, इसके बारे में ट्वीट करने का फैसला किया। मेरे ट्वीट के 12 घंटे के भीतर दोनों आईपी हटा लिए गए दूसरा अब उपलब्ध नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘3 अगस्त तक, मुझे किसी भी एजेंसी या कंपनी से कोई जवाब नहीं मिला, जो मिले डेटा के लिए जिम्मेदारी का दावा करे.’

सुरक्षा शोधकर्ता के अनुसार, ‘दोनों IP Azure-होस्टेड दूसरा भारत-आसरा।ित थे.’ सुरक्षा शोधकर्ता ने कहा ‘रिवर्स डीएनएस एनालिसिस के माध्यम से भी कोई और जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी। दोनों Shodan दूसरा Censys सर्च इंजनों ने उन्हें 1 अगस्त को उठाया, लेकिन यह नहीं मालूम है कि सर्च इंजन द्वारा उन्हें इंडेक्स करने से पहले यह जानकारी कितनी देर तक उजागर हुई.’ उन्होंने यह भी ट्वीट किया, ‘इस भारतीय डेटाबेस में 280M+ रिकॉर्ड, सार्वजनिक रूप से उजागर. कहां रिपोर्ट करें? @IndianCERT?” उन्होंने बताया कि दोनों आईपी को अब सार्वजनिक डोमेन से हटा लिया गया है.

original post link

- Advertisement -
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments