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राजस्थान की सियासी फिजां में घुलेगा हरियाणवी रंग, JJP जल्द देगी दस्तक, पढ़ें पूरा प्लान

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हाइलाइट्स

जननायक जनता पार्टी की निगाहें अब राजस्थान पर टिकी है
दुष्यंत चौटाला अब राजस्थान में भी पार्टी का संगठन खड़ा करना चाहते हैं

जयपुर. राजस्थान की सियासी फिजां में अब हरियाणवी रंग (Haryanvi colour) घुलने को तैयार है. पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के प्रपौत्र अन्य पांच बार हरियाणा के सीएम रहे ओम प्रकाश चौटाला के पौत्र दुष्यंत चौटाला राजस्थान में सियासी जमीन तलाश रहे हैं. इसके लिये अग्निामी पांच अगस्त को जयपुर में जननायक जनता पार्टी (Jannayak Janata Birthday party) युवाओं का बड़ा सम्मेलन आयोजित कर चुनावी अभियान का अग्निाज करेगी. इसके लिये हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के छोटे भाई दिग्विजय चौटाला राजस्थान के चक्रवाती दौरे पर हैं.

चौटाला भाइयों के पिता अजय चौटाला राजस्थान से दो बार विधायक रहे हैं. एक बार सीकर के दांतारामगढ से तो दूसरी मर्तबा हनुमानगढ़ के नोहर से. अस्सी अन्य नब्बे के दशक में ताऊ देवीलाल की उत्तर भारत में लहर चल रही थी. देवीलाल राजस्थान के सीकर से चुनाव जीतकर देश के उपप्रधानमंत्री बने थे. लेकिन तब से अब तक राजस्थान के रेतीले धोरों में सियासत की पूरी जमीन ही बदल गई है.

पुरानी सियासी जड़ों को जिंदा करने के प्रयास किये जा रहे हैं
अब उनके प्रपौत्र दुष्यंत अन्य दिग्विजय पुरानी सियासी जड़ों को जिंदा करने के लिये राजस्थान का रुख कर रहे हैं. पांच अगस्त को जयपुर में युवाओं का सम्मेलन बुलाया गया है. दिग्विजय का दावा है कि राजस्थान के युवाओं को सही नेतृत्व की दरकार है. उनके सपनों को जननायक जनता पार्टी ही सच कर सकती है. जेजेपी की स्टूडेंट विंग इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन यानि इनसो छात्रसंघ चुनाव भी लड़ने को तैयार है.

जनता दल के दौर में चली थी देवीलाल की आंधी
जनता दल के दौर में देवीलाल की आंधी चली थी लेकिन पार्टी जब बंटी तो चौटाला खानदान सिमट गया. जनता परिवार के विघटन के बाद चौधरी देवीलाल ने अपने आखरी दिनों में इंडियन नेशनल लोकदल बनाया. हरियाणा में उनकी पार्टी सत्ता में भी आई. ओमप्रकाश चौटाला पांच बार हरियाणा के सीएम भी रहे. इनेलो ने 2003 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में चार सीटें भी जीतीं. लेकिन चारों विधायक बाद में बीजेपी में चले गये. उसके बाद चौटाला परिवार कभी चुनाव लड़ने राजस्थान नहीं आया.

दुष्यंत अब राजस्थान में भी संगठन खड़ा करना चाहते हैं
वहीं हरियाणा में भी वह सत्ता से बाहर हो गया. चौटाला भाइयों में सियासी लड़ाई शुरू हो गई. इनेलो पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पास चली गई. अब उसके एकमात्र विधायक अभय चौटाला हैं. उनके दूसरे भाई अजय चौटाला ने जननायक जनता पार्टी बनाई. जननायक ने पिछले विधानसभा चुनाव में हरियाणा में दस सीटें जीती. बाद में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाकर अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत उप मुख्यमंत्री बन गये. अब दुष्यंत अपने छोटे भाई दिग्विजय को राजस्थान में सक्रिय कर अपनी पार्टी का संगठन खड़ा करना चाहते हैं. सूत्रों का कहना है कि दिग्विजय राजस्थान से अपनी राजनीतिक पारी का अग्निाज करना चाह रहे हैं. वे बीजेपी के साथ गठबंधन की संभााओं को भी मजबूती प्रदान करना चाहते हैं.

राजस्थान में संगठन मजबूत हुआ तो हरियाणा में मिलेगा फायदा
बहरहाल जननायक जनता पार्टी की निगाह उत्तरी मध्य राजस्थान पर है. वहां चौधरी देवीलाल के जमाने के कई क्षत्रप अभी भी सियासी पारी खेल रहे हैं. इसलिए पुराने रिश्तों को खंगाला जा रहा है. युवाओं के बीच दुष्यंत के विजन को प्रचारित कर जेजेपी हरियाणा से बाहर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है. ताकि हरियाणा में भी उसके चर्चे हों अन्य उसकी गूंज दिल्ली में भी सुनाई दे. जेजेपी बीजेपी के साथ गठबंधन को कायम रखकर खुद को हरियाणा के साथ साथ राजस्थान में भी मजबूत करना चाहती है ताकि कुछ सीटें लेकर दिग्विजय की राजस्थान से सियासी पारी की शुरूआत कराई जा सके.

Tags: Dushyant chautala, Haryana news, Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan Politics

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