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Petrol Price Update: पेट्रोल-डीजल की कीमत में होने वाली है भारी कटौती! जानिए कब होगा ऐलान?

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Crude Oil Price Lately: ्रोल डीजल (Petrol Diesel Price) की बढ़ती महंगाई से अब रसाल लोगों को राहत मिल सकती है. वैश्विक स्तर पर लगातार ईंधन की कीमत बढ़ रही है. लेकिन शपथे वाले समय में भारत को खुशखबरी मिल सकती है. दरअसल सिटीग्रुप (Citigroup) ने भविष्यवाणी की है कि कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट आ सकती है.

कम होगी पेट्रोल-डीजल की कीमत!

सिटीग्रुप (Citigroup) ने बताया है कि साल 2022 के अंत तक कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) फिसलकर 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है. अगर ऐसा होता है तब 2023 के आखिर तक फ्यूल की कीमत गिर कर 45 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है. इस समय क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल है, जो घड़ा कर 58 फीसदी नीचे आ सकता है.

सिटीग्रप की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, ‘वैश्विक मंदी (World Recession) के चलते कच्चे तेल की मांग में भारी कमी आ सकती है. वैसे भी कच्चे तेल के दामों के इतिहास पर नजर डालें तो जब जब वैश्विक अर्थव्यवस्था (World Frugality) पर आपदा आया है कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.’

कच्चे तेल की कीमत होगी कम 

दरअसल, 2008 में जब मंदी आई थी तब कच्चा तेल 149 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 35 डॉलर प्रति बैरल तक फिसलकर आ गया था. इसके बाद कोराना महामारी ( Covid-19 Pandemic) के दौरान भी दुनियाभर में लॉकडाउन ( Lockdown) के चलते कच्चे तेल के दाम गिरकर 20 डॉलर प्रति बैरल तक आ चुका था. इसके पहले मंगलवार को आर्थिक आपदा अलग। मंदी के चलते अमेरिका में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका था. यानी जब भी मंदी आती है, तब मांग में कमी शपथे से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखीगी है.

भारत को होगा बड़ा फायदा!

बहरहाल अगर कच्चे तेल के दामों में गिरावट आती है तो सबसे अच्छी खबर भारत के लिए होगी. दरअसल, भारत अपने खपत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है अलग। विदेशी मुद्रा भंडार से सबसे ज्यादा खर्च कच्चे तेल के आयात पर होता है. यानी अगर  कच्चे तेल के दामों में गिरावट होती है तब यहां रसाल लोगों को सस्ता ्रोल डीजल मिलेगा ही, साथ ही साथ विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी सरकार का वित्तीय घाटा कम होगा.  



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