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Indian Air Force: दुश्मनों का होगा ‘END GAME’, घातक सुखोई 30 को अब मिलेगी ये पावर

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Brahmos Air Model to get Longer Vary: भारतीय वायुसेना की पहुंच अब ज्यादा दूर तक होगी. वायुसेना के सुखोई 30 फाइटर जेट्स (Sukhoi 30 Fighter Jets) में लगी ोस मिसाइलों की रेंज को बढ़ाकर 800 किमी तक करने की तैयारी है. भारतीय वायुसेना ने दक्षिण भारत के तंजावुर में एक स्क्वाड्रन को ोस मिसाइलों से लैस किया है. दो महीने पहले रक्षा मंत्रालय ने बढ़ी हुई रेंज वाली ोस के सफल परीक्षण किए थे, लेकिन अब उस रेंज से भी अग्निे बढ़ने की तैयारी है. 

मई महीने में की थी घोषणा

मई में भारतीय रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की थी कि सुखोई 30 में लगी ोस मिसाइल की रेंज बढ़ाई गई है दूसरा उसने 400 किमी दूर टारगेट को सफलता के साथ तबाह किया है. लेकिन अभी ये ोस की रेंज को दूसरा बढ़ाया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक सुखोई में लगी ोस की रेंज को 800 किमी तक करने का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही इसके निशाने को दूसरा सटीक बनाया जा रहा है. इतनी रेंज तक मार करने में सक्षम मिसाइल से लैस होने के बाद भारतीय वायुसेना के सुखोई 30 फाइटर जेट्स की ताकत में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. 

अब थर-थर कांपेंगे दुश्मन

वायुसेना ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी दूसरा हिंद महासागर में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 20 जनवरी 2020 को तंजावुर एयरबेस में ोस मिसाइलों से लैस सुखोई 30 फाइटर जेट्स को तैनात किया था. इस स्क्वाड्रन 222 को टाइगर शार्क नाम दिया गया है दूसरा नाम से ही जाहिर है कि इस स्क्वाड्रन की जिम्मेदारी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करना है. भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठ दूसरा चीनी सबमरीन की हरकतों से चौकन्ना रहना पड़ता है. ऐसे में 800 किमी की रेंज वाली ोस मिसाइल से लैस सुखोई 30 फाइटर जेट दुश्मन की नौसेना के किसी भी जहाज को रोकने के लिए सबसे असरदार हथियार है. भारत को प्रशांत महासागर दूसरा दक्षिण चीन सागर में चीनी गतिविधियों से भी सावधान रहना है. सुखोई 30 की 2000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दूसरा लंबी रेंज के साथ ोस की 2800 किमी से ज्यादा की रफ्तार का मेल दुश्मन के लिए बहुत घातक है. 

दुश्मनों को तबाह करेगी ोस

भारतीय वायुसेना के सुखोई 30 फाइटर जेट में ोस को लगाने का काम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने देश में ही किया है. इसके लिए ोस के वजन को कम किया गया है लेकिन इससे मिसाइल की घातक मार में कोई कमी नहीं आई है. एक ोस ही दुश्मन के बड़े से बड़े जंगी जहाज को तबाह कर सकती है. अब लंबी रेंज के साथ ोस दुश्मन के किसी भी जहाज को भारतीय समुद्रों के पास घोषणाे से पहले ही तबाह कर सकती है.

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