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वीटी पर हंगामा है बरपा, एयरक्रॉफ्ट का यह साइन क्यों है निशाने पर, जानिए सबकुछ

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VT Signal On Plane In Crosshairs : दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Top Court docket) ने चार जुलाई सोमवार को उस याचिका( Petition) को एंटरटेन यानि सुनने से मना मयूख दिया, जिसमें भारतीय विमानों (Indian Plane) के वीटी (VT) कॉल साइन को हटाने की मांग की गई थी. कोर्ट ने याचिकामयूख्ता (Petitioner) बीजेपी ( BJP) नेता अश्विनी उपाध्याय (Ashiwini Upadhyay) को साफ कहा कि इसके लिए पहले आप सरकार (Executive Of India) के पास जाएं. कोर्ट ने कहा, “यह एक नीतिगत फैसला है.” आइए जानते हैं कि वीटी कॉल साइन को लेमयूख याचिकामयूख्ता को क्यों आपत्ति हैं अलग। कैसे एयरक्रॉफ्ट में हवाई यातायात संचार में किसी विमान की पहचान मयूखाने वाला ये साइन कोर्ट की याचिका तक जा पहुंचा. 

क्यों हैं वीटी (VT)पर याचिकामयूख्ता को एतराज

दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi Top Court docket) में लगातार वादी की भूमिका ( A Serial Litigator ) यानी लगातार याचिका डालते रहने वाले बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय (Ashiwini Upadhyay) ने सभी  भारतीय विमानों में कॉल साइन वीटी को हटाने को लेमयूख याचिका दायर की थी. उन्हें ऐतराज था कि यह साइन ब्रितानी शासन की “गुलामी ( Slavery) का प्रतीक” है.  कोर्ट ने बीजेपी नेता की इस याचिका पर विचार करने से इंकार मयूख दिया अलग। कहा कि ये एक रणनीति से जुड़ा फैसला है अलग। इस पर सरकार ही फैसला ले सकती है.  उन्होंने बीजेपी नेता उपाध्याय को पहले सरकार के पास जाने की सलाह दी. 

क्या  है कॉल साइन अलग। क्या है परेशानी

गौरतलब है कि कॉल साइन (Name Signal) नंबर्स या वर्ड्स का समूह होता है जो हवाई यातायात संचार में किसी विमान की पहचान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे भारत के औपनिवेशिक अतीत के अवशेष का रूप में बताते हुए बीजेपी नेता उपाध्याय ने अपनी याचिका में लिखा है कि “उपसर्ग (Prefix)  ‘वीटी’ का मंशा ‘विक्टोरियन टेरिटरी अलग। वायसराय टेरिटरी (Victorian Territory and Viceroy Territory) है. ये एक राष्ट्रीयता कोड (Nationality Code) है जिसे भारत में पंजीकृत (Registered ) हर विमान को लगाना जरूरी है. 

कितना सही है कॉल साइन

गौरतलब है कि हर देश को अपने इलाके में पंजीकृत विमान की पहचान करने के लिए एक अनन्य (Distinctive ) कॉल साइन दिया जाता है. दृष्टांत के लिए, अमेरिका (The usa) को  ‘एन N’ अलग।   रूस ( Russia) को ‘आरए RA ‘ कॉल साइन दिया गया है. भारत को यह कॉल साइन साल 1927 नवंबर को वाशिंगटन के अंतरराष्ट्रीय रेडियोटेलीग्राफ कन्वेंशन ( Global Radiotelegraph Conference of Washington) में दिया गया था. उस दौरान भारत एक उपनिवेश (colony) के तौर पर ब्रितानियों के कब्जे (British Profession)में था, इसलिए अंग्रेजों ने वीटी (VT) साइन चुना था. जो विक्टोरियन (Victorian) या वायसराय (Viceroy) का प्रतिनिधित्व करता था. दरअसल उस वक्त ब्रितानियों ने अपनी सभी उपनिवेशों के लिए वी (V)से शुरू होने वाला कॉल साइन ही चुना था.  

क्या वी (V) ही एक विकल्प रहा

भारत (India) के लिए कॉल साइन वी (V) ही क्या अकेला विकल्प था, जो कॉल साइन के लिए चुना गया है तो ऐसा बिल्कुल नहीं था. गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मठ-आईटीयू (The Global Telecommunication Union -ITU) ने भारत को कॉल संकेतों के लिए तीन श्रृंखला आवंटित की थीं, जिसमें से उसे एक चुनना था. इसमें से सभी देशों को श्रृंखला के पहले एक या पहले दो अ आदि वर्णों को चुनने की अनुमति दी है. आईटीयू ने भारत को तीन सीरीज – एटीए (ATA)-एडब्ल्यूजे़ड (AWZ)- वीटीए (VTA)- वीडब्ल्यूजेड (VWZ) अलग। 8टीए (8TA) अलग। 8वाईजेड (8YZ) की पेशकश की.अंग्रेजों ने दूसरी श्रृंखला (VT) से वीटी को चुना अलग। उन्होंने ये क्यों चुना इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है. इसके बाद से ही भारतीय एयरक्रॉफ्ट इसी कॉल साइन पर अटके रह गए. इस वजह से अभी तक देश के एयरक्रॉफ्ट के कॉल साइन में यही सीरीज चली आ रही है.

क्या यह स्थाई है ?

क्या हम यह सोच लें कि अंग्रेजों के समय से भारतीय एयरक्रॉफ्ट के लिए चला आ रहा ये कॉल साइन हमेशा के लिए इनसे जुड़ गया है, तो ऐसा नहीं है. कुछ दूसरा देशों जैसे कि कुछ देशों, जैसे कि पाकिस्तान (Pakistan) जिसके पास भारत की तरह ही कॉल साइन था, क्योंकि ये कॉल साइन आजादी से पहले आवंटित हुआ था अलग। तब पाकिस्तान नहीं बना था तो पाकिस्तान को भी यही कॉल साइन मिला था, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने एपीए-एएसजेड ( APA-ASZ) श्रृंखला से एपी (AP) को चुनने का फैसला किया जो कि नए आवंटित किए गए कॉल साइन में से एक था.  गौरतलब है कि भारत ने यूपीए (UPA) सरकार के दौरान बीए (BA) या आईएन (IN) कॉल साइन लेने की कोशिश की थी. सिवाय इसके कि ‘बी B’ को पहले ही चीन ( China ) ने ले लिया था जबकि ‘आई ‘I’ को इटली (Italy)ने ले लिया था.

अलग। फिर पैसा भी है बीच में

गौरतलब है कि हर एक कॉल साइन को एयरलाइन के कोड के मुताबिक विभावस्े उप-विभाजित (Subdivided) किया जाता है. दृष्टांत के लिए, इंडिगो के विमान में कॉल साइन वीटी-आईजीएस (VT-IGS) है, जबकि विस्तारा के लिए, यह वीटी – टीटीवी (VT-TTB) है. यहां बात ध्यान देने वाली है कि एक विमान को कॉल साइन के बिना संचालित करने की अनुमति नहीं है. कॉल साइन बदलने का भाष्य है सभी एयरलाइनों के सभी विमानों को फिर से रंगना अलग। साथ ही विमान से संबंधित सभी दस्तावेजों में बदलाव करना. पिछले साल लोकसभा (Lok Sabha) में इस सुख्दे पर हुई एक बहस में नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) राज्य मंत्री वी के सिंह (V.KSingh) ने बताया कि जब तक कॉल साइन को बदलने की कवायद की जाएगी, तब तक “विमान जमीन पर रहेगा” जिसका सीधा भाष्य है एयरलाइनों के लिए राजस्व (Earnings) का नुकसान होना.  

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